Friday, 7 February 2014

अर्थव्यवस्था में निवेश को पीएसयू पर निर्भर सरकार

अर्थव्यवस्था में निवेश की रफ्तार बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार एक बार फिर से सार्वजनिक उपक्रमों [पीएसयू] के नकदी भंडार पर निर्भर हो गई है। चालू वित्ता वर्ष 2013-14 की अप्रैल से जून तिमाही में पीएसयू के निवेश की गति देख सरकार ने शेष नौ महीनों में इन्हें अपनी विस्तार योजनाओं पर अधिक से अधिक खर्च करने को कहा है। सरकार ने करीब 23 सार्वजनिक उपक्रमों को विस्तार योजनाओं पर निवेश के एक निश्चित लक्ष्य दिया है।
माना जा रहा है कि सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था में सार्वजनिक उपक्रमों का नकदी भंडार जान फूंकने में मदद कर सकता है। अर्थव्यवस्था में घरेलू निवेश की कमी से परेशान सरकार ने इसीलिए पीएसयू को अपने नकदी भंडार के इस्तेमाल के निर्देश दिए थे। इन कंपनियों के पास करीब 1.80 लाख करोड़ रुपये का नकदी भंडार है।
पढ़ें : पीएसयू बैंकों में 56 हजार पद खाली
सरकार मानती है कि विभिन्न वजहों से निजी क्षेत्र फिलहाल घरेलू अर्थव्यवस्था में निवेश को लेकर उदासीन है। राजकोषीय और चालू खाते के घाटे को बजटीय सीमा में रखने की कोशिशों से सरकारी खजाने पर भी खासा दबाव है। इन परिस्थितियों में सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में ही उम्मीद की किरण दिख रही है।
केंद्र सरकार ने एनटीपीसी, ओएनजीसी, गेल, इंडियन आयल, सेल, एनएमडीसी समेत 23 कंपनियों को चालू वित्ता वर्ष में 1,41,912 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य सौंपा है। कंपनियों को इस राशि का इस्तेमाल अपनी विस्तार योजनाओं पर करना है। प्रधानमंत्री कार्यालय [पीएमओ] ने बीते हफ्ते एक बैठक कर इन कंपनियों की विस्तार योजनाओं की समीक्षा की थी। इसमें सभी पीएसयू ने पहली तिमाही में किए गए खर्च का ब्योरा पेश किया था।
पहली तिमाही में इन सभी सार्वजनिक उपक्रमों को 25,131 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश का लक्ष्य दिया गया था। जानकारी के मुताबिक ये कंपनियां इस अवधि में 23,635 करोड़ रुपये यानी लक्ष्य का करीब 94 फीसद पूंजी निवेश अपनी विभिन्न परियोजनाओं पर कर चुकी हैं। 23 में छह कंपनियां- एनएमडीसी, पीजीसीआइएल, नेवेली लिग्नाईट, बीईएल, आरआइएनएल और एचएएल पहली तिमाही के अपने निवेश लक्ष्य को पूरा करने में सफल रही हैं। सूत्र बताते हैं कि बैठक में बाकी पीएसयू से दूसरी और तीसरी तिमाही में पूंजी निवेश के लक्ष्यों को पाने के निर्देश दिए गए हैं। इन कंपनियों ने सरकार को भरोसा दिया है कि वे तीसरी तिमाही तक पूंजी निवेश के अपने लक्ष्य को पाने में सफल रहेंगी।

http://www.jagran.com/news

0 comments:

Post a Comment